जालंधर में पकड़े गए 3 आतंकियों को 10-10 साल की कैद, एनआईए कोर्ट का फैसला
10 Years' Imprisonment Each for 3 Terrorists Arrested
10 Years' Imprisonment Each for 3 Terrorists Arrested in Jalandhar, आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े तीन कश्मीरी छात्रों को मोहाली की एनआईए कोर्ट ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। इन्हें देश के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के आरोप में दोषी करार दिया गया था। एक आरोपी सुहैल अहमद भट्ट को कोर्ट ने पहले ही बरी कर दिया था। सजा पाने वालों में अवंतीपोरा, कश्मीर निवासी जाहिद गुलजार, पुलवामा के रहने वाले यासिर रफीक भट्ट और पुलवामा निवासी मोहम्मद इदरीस शाह शामिल हैं। यासिर रफीक भट्ट आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई है। जाकिर मूसा अंसार गजावत-उल-हिंद संगठन का प्रमुख था, जिसे कश्मीर में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
एनआईए ने गहन जांच के बाद मोहाली की विशेष अदालत में इन तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें वैज्ञानिक सबूत, मोबाइल फॉरेंसिक डेटा और टेलीग्राम चैट्स को मुख्य आधार बनाया गया था। कोर्ट ने उन्हें देश के खिलाफ साजिश रचने, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट से जुड़े मामलों में दोषी पाया। गुरुवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें सजा सुनाई गई।
जालंधर के निजी कॉलेज के होस्टल से हथियारों के साथ पकड़े गए थे
पुलिस को सूचना मिली थी कि जालंधर के एक निजी कॉलेज में पढ़ रहे छात्र आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। 10 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने हॉस्टल के कमरे में छापा मारकर मौके से तीन कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया था। इनमें जाहिद गुलजार, यासिर रफीक भट्ट और मोहम्मद इदरीस शाह शामिल थे। आरोपियों के पास से एक एके-56 राइफल, एक .30 बोर माउजर पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट मिश्रण बरामद हुआ था।
आतंकी हमलों में कश्मीरी छात्रों का होना था इस्तेमाल
कश्मीर का आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद, जिसका प्रमुख जाकिर मूसा था, वह इसका मास्टरमाइंड है। वह पंजाब में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल कर देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की योजना बना रहा था। आतंकी लिंक सामने आने पर मामले में एनआईए की एंट्री हुई। एनआईए ने एक और छात्र सुहैल अहमद भट्ट को भी इस साजिश का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ये अक्सर चंडीगढ़ भी आते जाते रहते थे।